कोचिन पोर्ट ट्रस्ट
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यात्रा गंतव्यस्थान

समुद्री यात्रा गंतव्यस्थान के रूप में कोचिन

                     कोचिन पोर्ट के लिए समुद्री यात्रा एक बड़ी व्यापार संभावना है ।  अंतर्राष्ट्रीय मानकों की सेवाएं उपलब्ध करके भारतीय तट पर एक मुख्य समुद्री यात्रा गंतव्यस्थान के रूप में कोचिन पोर्ट को बनाने में हम वचनबद्ध हैं । 

समूद्री यात्रा जलयानों की यथार्थ आवश्यकताओं पर ध्यान देने के लिए पूरे समय उपलब्ध एक समुद्री यात्रा सेल हमने गठित किया है  ।   समुद्री यात्रा प्रचालकों और यात्रियों की आवश्यकताओं के लिए समान रूप से हमने एक '' सिंगिल विंडो सोलूशन '' पेश किया है ।

पोर्ट में एक अंतर्राष्ट्रीय समुद्री यात्रा टर्मिनल और यात्री प्लाज़ा की ढॉन्चा संबंधी प्रस्ताव निहाई पर है । पोर्ट परिसर केरल का परिवेश प्रतिबिम्बित करता है ।

समुद्र यात्री जलयानों और यात्रियों के व्यापक आवश्यकताएं तेज़ करने में प्रथम भारतीय पोर्ट बनने के लिए कोचिन पोर्ट प्रयास कर रहे हैं - बड़े और मुख्य समुद्र यात्री जलयान हमारे पोर्ट में कई बार पहुंचे है । ''वाक् इन '' बर्थीम्ग, पर्याप्त गहराई, बांकरिंग और शुद्ध जल सेवाएं, पैतृक संपत्ति का सामीप्य और केरल के प्राकृतिक वैभव, कोचिन नगर में उपलब्ध कारीगरी के लिए शोप्पिंग माल, पूर्वी वस्त्र धारण, मसाला, पुरावशेष आदि , आसपास के मुख्य स्टार होटल एकमात्र नौका विहार पार्किंग क्षेत्र केलिए आधुनिक मरीना, सीमाशुल्क के लिए एक '' सिंगिल विंडों सर्वीस '' आप्रवास और पोर्ट स्वास्थ्य निकासी जैसे समुद्र यात्री जलयानों की सुख सुविधाओं का आतिथेय कोचिन पोर्ट प्रस्तुत करता है ।

तुलनात्मक अंतर्राष्ट्रीय मानकों की सेवाएं प्रदान करके यूरोप से  आस्ट्रेलिया तक पूर्वी- पश्चिम समुद्री व्यापार मार्ग पर प्रमुख  समुद्र यात्रा गंतव्यस्थान हमारा लक्ष्य है ।

कोचिन में रहते समय पुरातन स्वाद के अलावा " ईश्वर का  अपना देश '' का प्राकृतिक धन-संपंत्ति और परंपरागत केरल भोजन  स्वादिष्ट करने के  अलावा  यात्रियों को विभिन्न पूर्वी आकर्षक स्मरणीकाएं कोचिन के आसपास के शोप्पिंग तोरणपथ से अपना घर ला सकता है ।  आईए , देखिए, महसूस कीजिए, स्वाद लीजिए और '' ईश्वर का अपने देश '' का समृद्धि लेकर जाईए -हम कोचिन पोर्ट में यह होने देंगे ।

केरल

केरल एशिया के खोजे गए पर्यटन गंतव्य स्थानों में एक है ।  इसकेलिए एक अच्छे जलवायु के साथ रजत किनारेवाले समुद्र तट, प्रशांत प्राकृतिक दृश्य और मनोहर पश्चजल, उत्तुंग पहाड़ी स्थान और मोहक वन्य जानवरों से भरे वन भूमि है ।
केरल में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य का लाभ उठाने का अवसर भी है ।   मनोहर कलारूपों, उत्सवों और स्मारकों का परिचय करने का भी अवसर है  ।

केट्टुवल्ल्म

केट्टुवल्लम  बड़े रेस नौकायें हैं । इतिहास में  इसकेलिए प्रमुख स्थान है ।  केट्टुवल्लम में यात्रा करने पर पश्चजलों  का सौंदर्य  तथा नदियों का ताल भी अनुभव कर सकता है ।   ये बहुत  सुसज्जित और सभी आधुनिक सुख सुविधाओं से बनाए गए हैं ।

परंपरागत  कला

स्थानीय  धार्मिक कृत्य, पूजा पद्धति  प्रयोग  और युद्धसंबन्धी नृत्य केरल में साधारण है । इन नृत्य  रूपों में मनोविकारों का प्रस्तुतीकरण केलिए   शरीर के  भागों का चित्रण किया जाता है ।

मोहिनियाट्टम

मोहिनियाट्ट्म (स्वर्गीय मोहिनी का नृत्य ) एक इंद्रीय  संबंधी और सम्मोहक नृत्य है जो एक सार्वजनिक भाषा बोलती है-मनोविकार ।

 मून्नार

मून्नार एक प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग है ।  कोचिन से 136 की.मी . दूरी पर  औसतन 1700 फीट ऊंचाई पर  कण्णनदेवन पहाड़ों के उत्तुंग  हरियाली एवं स्वच्छ्ता  में स्थित है ।

पडयणी

आकर्षक श्रृंगार, रॅंगीन वेश-भूषा और मौखिक अभिव्यक्तियां  द्वारा एक हज़ार मनोविकार ।    केरल की लोक कथा अनन्य है ।   सभी कला  की देवी की महिमा करनेवाली है ।

 केरल के देवालय (मंदिर)

केरल के  कई मंदिर भगवती देवी को  समर्पित  है ।    कई मंदिरों में नाग  स्तुति केलिए विशेष  स्थल या पवित्र  उपवन है ।  तच्चुशास्त्र -वास्तुकला का एक पुराना विज्ञान -के आधार पर इन मन्दिरों  का निर्माण किया गया है ।

 तेक्कडी-पेरियार मृग वन

पेरियार मृगवन तेक्कडी में स्थित है ।  यह भारत के प्रमुख मृगवनों  में एक है ।  पेरियार में आप मृगों को देख सकते हैं । आप गवल,सांबार बियर, हाथी, चित्तीदार  हरिण आदि को देख सकते हैं ।

 वल्लमकली

यह ओणम समारोह में श्रेष्ट नौका शोभा यात्रा और दौड़ है ।  आलप्पी के पश्चजल में प्रसिद्ध  नौका दौड़ आयोजित किए जा रहे हैं ।

जलप्रपात -वाषचाल  एवं आतिरपल्ली

यह  टिमटिमाते जलप्रपात  घने हरियाली  वन में चालक्कुडी नदी में   है । अतिरपल्ली मार्ग में एक मनोरंजन पार्क भी है ।

केरल पर्यटन

लोक कथा में रंगमंच और संग्रहालय

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